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    सांडों की नसबंदी को लेकर सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के विरोध के बाद झुकी शिवराज सरकार, आदेश लिया वापिस


    भोपाल से सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर (MP Pragya Thakur) के विरोध और मामले का राजनीतिकरण होने के बाद सांडों की नसबंदी Sterilization of Bulls) करने के आदेश को पशुपालन विभाग ने वापस ले लिया है. सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने सांडों की नसबंदी को प्रकृति के विरुद्ध बताया था. सांसद ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh) से अपील की थी कि इस प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए. मामले ने राजनीतिक रंग लिया तो पशुपालन विभाग ने आदेश को फिलहाल वापस ले लिया है.

    दरअसल भोपाल कलेक्टर ने 29 सितंबर 2021 को सांडों की नसबंदी को लेकर आदेश जारी किए थे. आदेश में अधिकारियों को 4 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक नसंबदी अभियान चलाने के लिए कहा गया था. कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में लिखा था कि गांव में पशुपालकों के पास, गौशालाओं में उपलब्ध और निकष्ट सांडों की नसबंदी निशुल्क की जा रही है. इसमें संबंधित अधिकारियों को अभियान की शत प्रतिशत लक्ष्य सुनिश्चित करने की बात भी कही गई थी.

    सांडों की नसबंदी को बताया था प्रक्रति के साथ खिलवाड़

    जिसके बाद सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने भोपाल में देसी सांडों की नसबंदी किए जाने का विरोध किया था. उन्होंने इसे प्रक्रति के साथ खिलवाड़ बताया है. उन्होंने कहा कि यदि देसी सांडों की नसबंदी की गई तो नस्ल ही खत्म हो जाएगी. सांसद प्रज्ञा ने सांडों की नसबंदी को लेकर सीएम शिवराज सिंह चौहान, पशुपालन मंत्री और कलेक्टर से बात भी की.

    कांग्रेस ने बताया गो संरक्षण विरोधी

    मामले में कांग्रेस ने भी इस आदेश को गो संरक्षण विरोधी बताया है. कांग्रेस मीडिया कोऑर्डिनेटर नरेंद्र सलूजा (Narendra Saluja) ने कहा कि एक तरफ सरकार गो संरक्षण की बात करती है और दूसरी तरफ गोवंश को खत्म करने के लिए सांडो की नसबंदी की जा रही है यह आदेश बेतुका है. वहीं अब विवादों के बाद इस प्रक्रिया को रोक दिया गया है और आदेश को वापस ले लिया गया है.

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